संसद भवन परिसर में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आज़ाद, युवाओं पर लाठीचार्ज के खिलाफ न्याय की मांग
दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद न्याय की मांग को लेकर नगीना लोकसभा सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद संसद भवन परिसर में धरने पर बैठे हैं।
दिल्ली में सरकार के इशारे पर युवाओं के साथ हुए लाठीचार्ज को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध तेज हो गया है। युवाओं पर हुए कथित दमन के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर नगीना से लोकसभा सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद संसद भवन परिसर में संविधान निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे हैं।
युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का मांगा जा रहा है जवाब
धरने के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अपनी आवाज़ उठाने वाले युवाओं के साथ दमन और बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार को युवाओं पर चली एक-एक लाठी का हिसाब देश को देना होगा। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाने के लिए तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाना स्वीकार्य नहीं है।
यह धरना केवल एक व्यक्ति या एक संगठन का विरोध नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग के रूप में देखा जा रहा है।
बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने लोकतांत्रिक संघर्ष

चंद्रशेखर आज़ाद ने संसद भवन परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया है। बाबा साहेब ने भारत को ऐसा संविधान दिया, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्राप्त है।
ऐसे में संविधान निर्माता की प्रतिमा के सामने धरना देकर चंद्रशेखर आज़ाद ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि किसी भी सरकार या सत्ता को नागरिकों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने का अधिकार नहीं है।
“लोकतंत्र में तानाशाही स्वीकार्य नहीं”
इस आंदोलन का मुख्य संदेश साफ है कि लोकतंत्र में तानाशाही स्वीकार्य नहीं है। सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना, अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना और न्याय की मांग करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर आंदोलनकारियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित युवाओं को न्याय मिले।
संसद भवन परिसर से LIVE प्रसारण
इस पूरे घटनाक्रम का LIVE प्रसारण संसद भवन परिसर से सीधे किया जा रहा है। इसके माध्यम से देशभर के लोग इस लोकतांत्रिक संघर्ष से जुड़ रहे हैं।
LIVE प्रसारण के दौरान संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
युवाओं के अधिकारों की लड़ाई
आज देश का युवा रोजगार, शिक्षा, सम्मान और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में युवाओं की आवाज़ को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज करना गंभीर विषय है। सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए और जनता के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए।
एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद का यह धरना युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जारी संघर्ष का हिस्सा है।
संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की आवाज़ को मजबूत करने के लिए यह संघर्ष जारी है।
जय भीम 💙 | जय संविधान 📘
