बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में बहुजन समाज द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी बहन कुमारी मायावती जी ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों तथा मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
मायावती जी ने अपने संदेश में कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित करने, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि कांशीराम जी ने ऐसे समय में बहुजन आंदोलन को नई दिशा दी, जब समाज का बड़ा हिस्सा सामाजिक अन्याय और भेदभाव से पीड़ित था। उन्होंने देशभर के दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को एकजुट कर “बहुजन समाज” की व्यापक पहचान दी और उन्हें यह एहसास कराया कि उनकी एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मायावती जी ने यह भी कहा कि मान्यवर कांशीराम जी का मानना था कि राजनीतिक शक्ति ही सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी कुंजी है। इसी सोच के साथ उन्होंने 14 अप्रैल 1984 को बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज में समानता, न्याय और सम्मान स्थापित करना था।
उन्होंने कहा कि कांशीराम जी का जीवन संघर्ष और त्याग का प्रतीक था। उन्होंने निजी जीवन की सुविधाओं को त्यागकर पूरे देश में बहुजन समाज को संगठित करने का कठिन कार्य किया। हजारों सभाओं, यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से उन्होंने लोगों में जागरूकता फैलाई और उन्हें यह समझाया कि अपने वोट की ताकत से वे सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल कर सकते हैं।
मायावती जी ने कहा कि कांशीराम जी का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने बहुजन समाज को केवल सामाजिक आंदोलन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे राजनीतिक शक्ति में बदलने का मार्ग दिखाया। उनके नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी और समाज के वंचित वर्गों को सत्ता में भागीदारी का अवसर मिला।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कांशीराम जी ने उन्हें भी राजनीति में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और हमेशा यह विश्वास दिलाया कि यदि ईमानदारी, समर्पण और मिशनरी भावना के साथ काम किया जाए तो बहुजन समाज के सपनों को साकार किया जा सकता है।
मायावती जी ने कहा कि कांशीराम जी का सपना था कि भारत में ऐसा समाज बने जहां किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव न हो, हर व्यक्ति को शिक्षा और रोजगार के समान अवसर मिलें और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का पूर्ण रूप से पालन हो।

उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे मान्यवर कांशीराम जी के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बहुजन समाज पार्टी के सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के आंदोलन से जुड़ें। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को मिशनरी और ईमानदार अम्बेडकरवादी बनकर काम करना होगा और अपने वोट की ताकत से सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
मायावती जी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से देश के बहुजन समाज को अधिकार, सम्मान और सुरक्षा प्रदान की है। अब यह जिम्मेदारी बहुजन समाज की है कि वे इन अधिकारों को जमीन पर लागू करवाने के लिए संगठित होकर संघर्ष करें।
उन्होंने कहा कि यदि बहुजन समाज एकजुट होकर अपने वोट का सही उपयोग करेगा, तो वह सत्ता की मास्टर चाबी हासिल कर सकता है और अपने जीवन में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन ला सकता है।
अपने संदेश के अंत में मायावती जी ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी का जीवन और उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
आज उनकी जयंती पर पूरे देश में उनके अनुयायी और समर्थक उन्हें शत-शत नमन और श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रहे हैं तथा यह संकल्प ले रहे हैं कि वे उनके अधूरे मिशन को आगे बढ़ाएंगे।
मान्यवर कांशीराम जी को उनकी जयंती पर यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि हम उनके बताए रास्ते पर चलते हुए बहुजन समाज की एकता, सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
जय भीम | जय बहुजन | जय भारत ✊


jai bheem jay bsp